आत्महत्या के लिए उकसाने वाले आरोपी गिरफ्तार, पुरानी भिलाई पुलिस की कार्रवाई

भिलाई | थाना पुरानी भिलाई क्षेत्र अंतर्गत एक संवेदनशील और मार्मिक मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने वाले आरोपी गौरव उर्फ गोल्डी वर्मा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है।
दिनांक 07 सितंबर 2024 को शीतला पारा, हथखोज में मोहल्ले के समिति सदस्यों द्वारा गणेश प्रतिमा की स्थापना की गई थी, जिसमें प्रतिदिन तेज आवाज में साउंड बॉक्स व पोंगा बजाए जा रहे थे। वहीं, उसी मोहल्ले में धन्नूलाल साहू (उम्र 55 वर्ष) अपने परिवार के साथ रहते थे, जिन्हें हृदय संबंधी बीमारी थी। उन्होंने कई बार समिति के सदस्यों से एवं आरोपी गौरव वर्मा से साउंड कम आवाज में बजाने का अनुरोध किया, परंतु उनकी बातों को अनसुना कर दिया गया।
दिनांक 14 सितंबर 2024 को गौरव वर्मा ने मृतक से बहस करते हुए सार्वजनिक रूप से अपमानजनक शब्द कहे और पोंगा बजाने की अनुमति का पत्र मृतक के चेहरे पर मारते हुए धमकी दी – “जो उखाड़ना है, उखाड़ लो।” इसके बाद दोनों पक्षों ने पुलिस थाना आकर समझौता कर लिया।
इसी रात मृतक की तबीयत बिगड़ी और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। देर रात करीब 2:30 बजे मृतक के घर के बाहर गाली-गलौज और धमकी भरी आवाजें सुनाई दीं, जिनमें गौरव वर्मा की पहचान की गई।
सुबह 15 सितंबर 2024, मृतक की पत्नी सरस्वती साहू ने देखा कि धन्नूलाल साहू बिस्तर पर नहीं थे। तलाशने पर वह घर के स्टोर रूम में लोहे की एंगल से फांसी पर लटके पाए गए। सूचना मिलने पर थाना भिलाई-3 पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव पंचनामा की कार्रवाई की और एक सुसाइड नोट मृतक की कमर से बरामद किया।
सुसाइड नोट में स्पष्ट रूप से गौरव उर्फ गोल्डी वर्मा द्वारा की जा रही मानसिक प्रताड़ना का उल्लेख था, जिसे मृतक के दोनों पुत्रों ने उनके लिखावट के रूप में पहचाना। पुलिस ने सुसाइड नोट की हस्तलिपि का फॉरेंसिक परीक्षण भी कराया, जिसमें पुष्टि हुई कि वह मृतक का ही था।
थाना प्रभारी अम्बर सिंह भारद्वाज के नेतृत्व में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को तलब कर गवाहों के समक्ष पूछताछ की गई, जहां आरोपी ने अपराध को स्वीकार किया। पर्याप्त साक्ष्य और सुसाइड नोट के आधार पर आरोपी गौरव वर्मा को 14 जुलाई 2025 को सुबह 10:30 बजे विधिवत गिरफ्तार किया गया और न्यायालय में पेश किया गया।














